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SPHEREx: 102 रंगों में पूरे आकाश का अद्भुत नक्शा

2026-08-17 · YouTube पर देखें

सारांश

क्या अदृश्य रोशनी से पूरे आकाश का रंगीन नक्शा बनाया जा सकता है? इस वीडियो में जानिए कि NASA का SPHEREx अंतरिक्ष दूरबीन 102 तरह की अवरक्त रोशनी देखकर आकाशगंगाओं, तारों और ब्रह्मांड की शुरुआत के सुराग खोजेगा।

पूरा पाठ

0:00आकाश का गुप्त नक्शा

क्या हो अगर मैं कहूँ कि आसमान का एक ऐसा रंगीन नक्शा बनने वाला है, जिसे हमारी आँखें खुद नहीं देख सकतीं? NASA की नई अंतरिक्ष दूरबीन SPHEREx पूरे आकाश को 102 अलग-अलग रंगों में देखेगी, और इससे हमें पता चल सकता है कि पहली आकाशगंगाएँ और तारे कैसे बने। यह कोई साधारण कैमरा नहीं है। यह ब्रह्मांड की छिपी हुई रोशनी पढ़ने वाली एक अंतरिक्ष जासूस है। आज तुम इसके साथ एक रोमांचक यात्रा पर चलोगे। तैयार हो? तो चलो, सबसे पहले समझते हैं कि 102 रंग आखिर होते क्या हैं। लेकिन रुको, जब तुम्हें पता चलेगा कि इनमें से अधिकतर रंग हमारी आँखों से छिपे हैं, तब मज़ा और बढ़ जाएगा!

0:49अदृश्य रंगों की दुनिया

हमारी आँखें प्रकाश के बहुत छोटे हिस्से को देख पाती हैं। लाल, पीला, हरा और नीला—ये सब दिखाई देने वाले रंग हैं। लेकिन प्रकाश की दुनिया इससे कहीं बड़ी है। कुछ प्रकाश तरंगें हमारी आँखों से लंबी होती हैं। इन्हें अवरक्त प्रकाश कहते हैं। हम उन्हें देख नहीं सकते, पर सही उपकरण उन्हें पहचान सकते हैं। SPHEREx इसी अवरक्त प्रकाश को 102 अलग-अलग हिस्सों में बाँटकर देखेगी। इसे ऐसे समझो जैसे कोई संगीतकार एक गीत को अलग-अलग सुरों में सुनता है। किसी तारे या आकाशगंगा की रोशनी भी एक खास संकेत छोड़ती है। वैज्ञानिक उन संकेतों से जान सकते हैं कि वहाँ कौन-सी गैस या धूल मौजूद है। पर प्रकाश को अलग-अलग रंगों में बाँटना ही पूरी कहानी नहीं है। अब देखते हैं कि SPHEREx अंतरिक्ष में घूमेगी कैसे!

1:45आकाश की धीमी स्कैनिंग

SPHEREx पृथ्वी के चारों ओर घूमती हुई एक कक्षा में काम करेगी। यह दूरबीन लगातार एक ही जगह घूरती नहीं रहेगी। इसके बजाय, पृथ्वी के घूमने और अपनी कक्षा में आगे बढ़ने के साथ यह आकाश के अलग-अलग हिस्सों को स्कैन करेगी। लगभग छह महीनों में यह पूरे आकाश का एक चक्कर पूरा करने की योजना रखती है। फिर यह दोबारा वही काम करेगी, ताकि वैज्ञानिक तस्वीरों की तुलना कर सकें। सोचो, जैसे तुम एक बहुत बड़ी गेंद पर बने हर छोटे निशान को धीरे-धीरे रंग भरकर पूरा कर रहे हो। SPHEREx को ठंडी भी रहना होगा, क्योंकि गर्मी उसकी नाज़ुक अवरक्त दृष्टि को परेशान कर सकती है। इसके लिए इसमें खास परतें और ढाल लगी हैं। लेकिन यह ढाल किस चीज़ से बचाती है? इसका उत्तर हमें सूर्य की ओर ले जाता है!

2:43सूर्य से बचाव

सूर्य की गर्मी बहुत उपयोगी है, लेकिन अंतरिक्ष दूरबीन के संवेदनशील उपकरणों के लिए यह बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए SPHEREx में एक खास छतरी जैसी ढाल है, जो सूर्य और पृथ्वी की गर्मी से उसके उपकरणों को बचाने में मदद करती है। यह ढाल दूरबीन को ठंडा रखने में सहायता करती है, ताकि वह बहुत हल्की अवरक्त रोशनी पकड़ सके। मज़ेदार बात यह है कि SPHEREx खुद बहुत बड़ी दूरबीन नहीं है। इसकी लंबाई लगभग एक छोटी कार जितनी हो सकती है, फिर भी इसका काम पूरे आकाश को देखना है। आकार छोटा, काम विशाल! अब सोचो, इतनी सारी रोशनी और तस्वीरें पृथ्वी तक कैसे पहुँचेंगी। क्या अंतरिक्ष दूरबीन अपने सारे चित्र डाक के लिफाफे में भेजेगी? बिल्कुल नहीं! आगे इसका डिजिटल संदेश तंत्र देखो।

3:40रोशनी से डिजिटल नक्शा

SPHEREx अपने देखे हुए प्रकाश को डिजिटल जानकारी में बदलकर पृथ्वी पर भेजेगी। वैज्ञानिक इस जानकारी को कंप्यूटरों में जमा करेंगे और अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर आकाश का बड़ा नक्शा बनाएँगे। एक तस्वीर में किसी वस्तु का रंग दिख सकता है, लेकिन SPHEREx के नक्शे में हर जगह की रोशनी के कई संकेत होंगे। इससे वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि कोई आकाशगंगा कितनी दूर है, उसमें कौन-से पदार्थ हैं और वह कितनी तेज़ी से बदल रही है। पूरे आकाश के नक्शे में करोड़ों आकाशगंगाएँ और तारे दिखाई दे सकते हैं। यह ऐसा होगा जैसे एक बहुत बड़ी किताब के हर पन्ने पर ब्रह्मांड की अलग कहानी लिखी हो। लेकिन इस नक्शे का सबसे पुराना और सबसे बड़ा रहस्य कौन-सा है? अब हम समय में बहुत पीछे चलेंगे!

4:37ब्रह्मांड का बचपन

ब्रह्मांड की शुरुआत के बाद, वह फैलने लगा। बहुत लंबे समय में छोटी-छोटी गैस और धूल की जगहें मिलकर पहली आकाशगंगाएँ बनाने लगीं। वैज्ञानिक अभी भी यह समझना चाहते हैं कि यह बदलाव कितनी जल्दी हुआ और आकाशगंगाएँ किस तरह एक साथ जुड़ीं। SPHEREx दूर की आकाशगंगाओं की रोशनी देखेगी। क्योंकि प्रकाश को बहुत दूर से आने में समय लगता है, दूर की वस्तुओं को देखना मानो अतीत में झाँकना है। जब हम किसी बहुत दूर की आकाशगंगा की रोशनी देखते हैं, तो हम उसे वैसा देखते हैं जैसी वह बहुत पहले थी। वाह! यानी यह दूरबीन एक तरह की ब्रह्मांडीय समय-मशीन जैसी है, हालांकि यह हमें कहीं ले नहीं जाती। लेकिन पहली आकाशगंगाओं से भी पहले, तारों के जन्म की सामग्री कहाँ थी? यही अगला रहस्य है!

5:35तारों की जन्मशाला

तारे और ग्रह अंतरिक्ष में अचानक तैयार नहीं हो जाते। वे गैस और धूल के विशाल बादलों से बनते हैं। इन बादलों में पानी बनाने वाले अणु और जीवन के लिए उपयोगी कुछ रासायनिक पदार्थ भी मिल सकते हैं। SPHEREx ऐसे पदार्थों के संकेत खोजने में मदद करेगी, खासकर तब जब वे ठंडी धूल के पीछे छिपे हों। अवरक्त प्रकाश धूल के कुछ बादलों से होकर हमारी दूरबीनों तक पहुँच सकता है, इसलिए वह उन जगहों को दिखा सकता है जिन्हें सामान्य प्रकाश में देखना कठिन होता है। यह कुछ-कुछ वैसा है जैसे गर्म चाय का प्याला बाहर से न छूकर भी उसकी गर्मी का अंदाज़ा लगाना—बस यहाँ वैज्ञानिक बहुत सटीक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। अब एक और बड़ी पहेली सामने आती है: आकाशगंगाएँ अंतरिक्ष में बिखरी कहाँ-कहाँ हैं?

6:33आकाशगंगाओं का जाल

SPHEREx का नक्शा केवल सुंदर चित्रों का संग्रह नहीं होगा। यह आकाशगंगाओं की जगहों का एक विशाल तीन-आयामी नक्शा बनाने में भी मदद कर सकता है। तीन-आयामी का मतलब है—ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ और हमसे कितनी दूर। वैज्ञानिक किसी आकाशगंगा की रोशनी को देखकर उसकी दूरी का अनुमान लगा सकते हैं। फिर वे लाखों आकाशगंगाओं की जगहों को एक साथ रखेंगे और देखेंगे कि वे समूहों और लंबे रेशों जैसी आकृतियों में कैसे फैली हैं। ब्रह्मांड का यह जाल इतना बड़ा है कि हमारा पूरा सौरमंडल उसके सामने धूल के एक छोटे कण जैसा लगता है। इस नक्शे से ब्रह्मांड के फैलने की कहानी भी बेहतर समझी जा सकती है। पर वैज्ञानिकों को इतने बड़े नक्शे में कौन-से छोटे संकेत खोजने हैं? चलो, अब सुरों की भाषा समझते हैं!

7:30प्रकाश की भाषा

हर पदार्थ प्रकाश के साथ अपना अलग व्यवहार करता है। जब प्रकाश किसी गैस या धूल से गुजरता है, तो कुछ खास तरंगें कमज़ोर हो जाती हैं। इन कमज़ोरियों को वैज्ञानिक संकेतों की तरह पढ़ते हैं। इसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। SPHEREx हर जगह से आने वाली रोशनी का स्पेक्ट्रम बनाएगी। 102 रंगों का मतलब यह है कि वह प्रकाश को 102 चौड़े हिस्सों में जाँच सकेगी। इससे उसे केवल यह नहीं पता चलेगा कि कोई वस्तु कितनी चमकीली है, बल्कि यह भी समझने में मदद मिलेगी कि उसमें कौन-से पदार्थ हो सकते हैं। सोचो, किसी रहस्यमय डिब्बे को खोलने के बजाय उसकी आवाज़ सुनकर अंदाज़ लगाना कि अंदर क्या है। वैज्ञानिक भी रोशनी के संकेतों से सुराग जोड़ेंगे। लेकिन इन संकेतों को पढ़ने के लिए दूरबीन को बिल्कुल साफ़ दृष्टि चाहिए।

8:28अंतरिक्ष की साफ़ आँख

पृथ्वी का वायुमंडल हमारे लिए बहुत अच्छा है, लेकिन यह कुछ अवरक्त प्रकाश को रोक देता है। इसलिए ऐसी रोशनी को अंतरिक्ष से देखना अधिक आसान होता है। SPHEREx पृथ्वी से ऊपर रहकर ब्रह्मांड की ओर देखेगी। वहाँ हवा, बादल और शहरों की चमक जैसी रुकावटें उसके सामने नहीं होंगी। फिर भी वैज्ञानिकों को बहुत सावधानी से जाँच करनी होगी, क्योंकि दूर की रोशनी बेहद हल्की होती है। उन्हें दूरबीन की अपनी गर्मी, पृथ्वी से आने वाली रोशनी और दूसरे छोटे संकेतों को अलग करना होगा। यह वैसा है जैसे शोर भरे कमरे में बहुत धीमी घंटी की आवाज़ पहचानना। हर साफ़ संकेत एक छोटी वैज्ञानिक जीत होगा। और अब सवाल है—SPHEREx की तस्वीरें कैसी दिखेंगी? क्या वे हमारी आँखों वाली तस्वीरों जैसी होंगी?

9:24जानकारी वाले रंग

SPHEREx के नक्शे में रंग वैज्ञानिकों द्वारा चुने गए दिखावटी रंग हो सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि अवरक्त प्रकाश हमारी आँखों को दिखाई नहीं देता। वैज्ञानिक अलग-अलग अवरक्त संकेतों को लाल, हरे, नीले या दूसरे रंगों से दिखा सकते हैं, ताकि हम पैटर्न समझ सकें। किसी तस्वीर में चमकीला पीला भाग अधिक धूल का संकेत हो सकता है, जबकि नीला भाग किसी दूसरे प्रकाश संकेत को दिखा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि अंतरिक्ष में वस्तुएँ सचमुच उसी रंग की दिखाई देती हैं। रंग यहाँ जानकारी का आसान कोड हैं। जैसे मौसम का नक्शा तापमान दिखाने के लिए अलग रंग इस्तेमाल करता है। इस तरह SPHEREx का नक्शा सुंदर भी होगा और बहुत उपयोगी भी। अब सोचो, इस नक्शे को देखकर वैज्ञानिक कौन-कौन से सवाल पूछेंगे!

10:24बड़े सवालों की खोज

वैज्ञानिक SPHEREx के नक्शे से कई बड़े सवालों के उत्तर खोजने की कोशिश करेंगे। पहली आकाशगंगाएँ कितनी जल्दी बनीं? गैस और धूल किस तरह तारों और ग्रहों की जन्मशाला बनी? अलग-अलग आकाशगंगाओं में पदार्थों का बँटवारा कैसा है? और ब्रह्मांड का फैलना समय के साथ कैसे बदलता रहा? SPHEREx अकेले हर सवाल का अंतिम उत्तर नहीं देगी। लेकिन इसका पूरा आकाश वाला नक्शा दूसरे अंतरिक्ष उपकरणों और पृथ्वी पर मौजूद दूरबीनों के लिए एक मार्गदर्शक जैसा काम कर सकता है। वैज्ञानिक किसी खास जगह को चुनकर उस पर और गहराई से अध्ययन कर पाएँगे। एक बड़ा नक्शा कई छोटी यात्राओं का रास्ता दिखा सकता है। पर इस विशाल काम में इंसानों के साथ कंप्यूटरों की भी बड़ी भूमिका होगी।

11:20डेटा की पहेली

इतने बड़े आकाशीय सर्वेक्षण से बहुत सारा डेटा मिलेगा। कंप्यूटर इस डेटा को व्यवस्थित करेंगे, चमकीले स्रोतों को पहचानेंगे और अलग-अलग प्रकाश संकेतों की तुलना करेंगे। फिर वैज्ञानिक जाँचेंगे कि कंप्यूटर ने सही वस्तु पहचानी या नहीं। यह काम थोड़ा ऐसा है जैसे हजारों डिब्बों में रखी रंगीन पहेलियों के टुकड़ों को सही चित्र में लगाना। हर टुकड़ा छोटा है, लेकिन सभी जुड़कर बड़ी तस्वीर बनाते हैं। SPHEREx के नक्शे से मिलने वाली जानकारी दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए उपयोगी हो सकती है। वे नए सवाल पूछेंगे, पुराने विचारों की जाँच करेंगे और शायद ऐसी चीज़ें पाएँगे जिनकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। लेकिन नई खोजों का असली मज़ा तभी है जब हम समझें कि वे हमें अपने घर, पृथ्वी, के बारे में भी क्या सिखाती हैं।

12:18हमारी ब्रह्मांडीय कहानी

जब हम ब्रह्मांड की शुरुआत और तारों के जन्म का अध्ययन करते हैं, तो हम अपने आसपास की दुनिया को भी बेहतर समझते हैं। हमारे शरीर में मौजूद कई तत्व बहुत पुराने तारों के अंदर बने थे। पृथ्वी पर मौजूद पानी, चट्टानें और हवा भी लंबे ब्रह्मांडीय इतिहास का हिस्सा हैं। SPHEREx यह नहीं बताएगी कि कोई बच्चा कल नाश्ते में क्या खाएगा, लेकिन यह समझने में मदद कर सकती है कि उन पदार्थों की कहानी कहाँ से शुरू हुई जिन्हें हम आज अपने आसपास देखते हैं। यह विचार सचमुच अद्भुत है—हम छोटे से ग्रह पर रहते हैं, फिर भी पूरे ब्रह्मांड की कहानी पूछ सकते हैं। और इसके लिए हमें केवल जिज्ञासा, ध्यान और अच्छी विज्ञान की ज़रूरत है। अब हमारी यात्रा का आखिरी पड़ाव है: 102 रंगों वाला पूरा आकाशी नक्शा!

13:15102 रंगों का atlas

तो कल्पना करो: छह महीने तक SPHEREx आकाश के अलग-अलग हिस्सों को देखती है। हर जगह से आने वाली अवरक्त रोशनी को 102 हिस्सों में जाँचती है। फिर वैज्ञानिक इन सभी टुकड़ों को जोड़कर पूरे आकाश का एक विशाल नक्शा बनाते हैं। यह नक्शा हमें केवल यह नहीं दिखाएगा कि तारे और आकाशगंगाएँ कहाँ हैं। यह उनके प्रकाश में छिपे पदार्थों, दूरी और इतिहास के संकेत भी दे सकता है। दूर की आकाशगंगाएँ हमें ब्रह्मांड के बचपन की झलक देंगी। धूल के बादलों के संकेत हमें तारों और ग्रहों की जन्मशालाओं के बारे में बताएँगे। और आकाशगंगाओं का फैलाव हमें ब्रह्मांड की बड़ी संरचना समझने में मदद करेगा। लेकिन अभी एक छोटी-सी पुनरावृत्ति और बाकी है, ताकि तुम्हारे दिमाग में यह पूरा अंतरिक्ष नक्शा चमक उठे!

14:15सीख और अंतरिक्ष चुनौती

आज हमने सीखा कि SPHEREx एक अंतरिक्ष दूरबीन है, जो पूरे आकाश का सर्वेक्षण करेगी। यह हमारी आँखों से छिपी अवरक्त रोशनी को 102 हिस्सों में जाँचकर एक विशाल रंगीन atlas बनाने में मदद करेगी। इसके नक्शे से वैज्ञानिक दूर की आकाशगंगाओं के पुराने प्रकाश को देखकर ब्रह्मांड के बचपन के सुराग खोजेंगे। वे गैस और धूल के बादलों में तारों और ग्रहों की जन्मशालाओं के संकेत भी ढूँढ़ेंगे। आकाशगंगाओं की जगहों का नक्शा ब्रह्मांड के बड़े जाल और उसके फैलाव को समझने में मदद कर सकता है। सबसे मज़ेदार बात? अदृश्य प्रकाश भी जानकारी से भरा होता है। घर पर सुरक्षित चुनौती के लिए एक कागज़ पर अपना काल्पनिक 102-रंगों वाला अंतरिक्ष नक्शा बनाओ। हर रंग को एक अर्थ दो—जैसे तारे, धूल या दूर की आकाशगंगा। फिर यह शानदार तथ्य परिवार को बताओ: कभी-कभी ब्रह्मांड को समझने के लिए हमें दिखाई देने वाली चीज़ों से आगे देखना पड़ता है। अगली अंतरिक्ष यात्रा तक, जिज्ञासु रहो और सितारों की ओर देखते रहो!

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शृंखला: science (हिन्दी)